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देश के बड़े नेताओं ने कुछ यूं किया नरेंद्र मोदी पर हमला |

Posted on 16-Nov-2016   

                                                                        


नई दिल्ली: देश के इतिहास में 8 नवंबर, 2016 का दिन कालाधन पर आजाद भारत में सरकार के एक और कदम उठाए जाने के दिन के रूप में याद किया जाएगा.
 फैसला सही है या नहीं यह समय बताएगा लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के ऐलान ने पूरा देश अचानक सन्न सा रह गया था.

हमारे देश के राजनीतिक दल जहां हर मुद्दे पर बिना देरी किए बयान जारी कर देते हैं. इस मुद्दे पर बयान देने में बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं को भी काफी समय लग गया. 
बड़े राजनीतिक दलों के बड़े नेता भी बयान देने में पीछे रह गए. सबसे पहले बयान देने वालों में टीएमसी की नेता ममता बनर्जी रहीं. उन्होंने पीएम मोदी की घोषणा के बाद 
सबसे पहले प्रतिक्रिया दी. वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल अगले दिन वीडियो मैसेज के साथ सामने आए. कांग्रेस पार्टी के 
उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अगले दिन 9 नवंबर को ट्वीट के जरिेए अपनी प्रतिक्रिया दी. उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने सधी प्रतिक्रिया दी. 
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया.

आश्चर्यजनक रूप से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो अकसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते रहे हैं, उन्होंने पीएम मोदी के इस कदम की सराहना की. 
उधर, महाराष्ट्र और केंद्र में बीजेपी के सहयोगी दल शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की.  
आइए पढ़ें आखिर ने नेताओं ने नोटबंदी के मुद्दे पर क्या-क्या अहम बातें कहीं...

कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 500 एवं 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद किए जाने पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखा दिया
 कि वह इस देश के आम लोगों का कितना ध्यान रखते हैं. अब किसानों, छोटे दुकानदारों और गृहणियों के लिए अत्यंत अस्त-व्यस्त करने वाली स्थिति पैदा हो गई है.
 

(नोट बदलवाने के लिए लाइन में खड़े राहुल गांधी)

राहुल ने पीएम मोदी से सवाल पूछा कि आखिर 1000 रुपये के नोट को 2000 रुपये के नोट में बदलने से कालेधन की जमाखोरी को बहुत मुश्किल बनाने में किस प्रकार मदद मिलेगी? 
असल अपराधी सर्राफा, रियल एस्टेट या विदेशों में छुपाकर रखे गए

दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले समाचार-पत्रों में प्रकाशित निजी ऑनलाइन भुगतान कंपनी पेटीएम के विज्ञापनों में 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने इसे शर्मनाक करार दिया था. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, 
यह बेहद शर्मनाक. क्या जनता यह चाहती है कि उनके प्रधानमंत्री निजी कंपनियों के लिए विज्ञापन करें? कल, अगर ये कंपनियां कुछ गलत करेंगी, तो उनके खिलाफ कौन कार्रवाई करेगा?"
 

(मीडिया से मुखातिब अरविंद केजरीवाल)

केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा, प्रधानमंत्री की घोषणा (बड़े नोटों के विमुद्रीकरण) का सबसे बड़ा लाभ पेटीएम को होने जा रहा है. अगले दिन प्रधानमंत्री उनके विज्ञापनों में नजर आते हैं.
 प्रधानमंत्री जी क्या सांठ-गांठ है? पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1,000 के नोटों के विमुद्रीकरण को 'तुगलकी फरमान' करार दिया. दूसरे बयान में केजरीवाल ने देश में 500 और हजार
 रुपये के नोट बंद करने के सरकार के फैसले को वापस लेने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अपने दोस्तों को नोटबंदी को लेकर पहले से ही आगाह कर दिया था. 
उन्होंने अपने दावे को सही साबित करने के लिए कहा कि बीजेपी की पंजाब शाखा के अध्यक्ष संजीव कम्बोज मोदी की घोषणा से कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर 2,000 रुपये के नए नोटों के साथ दिखे थे. 
आप प्रमुख ने एक वीडियो संदेश में कहा कि देश भर में कमीशन का धंधा चल रहा था. दिक्कत उनकी (सरकार की) मंशा में है.

केजरीवाल से सहमत नहीं दिखे सत्येंद्र जैन
दिलचस्प बात यह है कि केजरीवाल की कैबिनेट के सहयोगी सत्येन्द्र जैन ने 2000 रुपये का नोट शुरू करने को ‘‘ऐतिहासिक’’ कदम बताते हुए इसका समर्थन किया 
और कहा कि इससे भ्रष्टाचार और काले धन पर रोक लगेगी. जैन ने ट्वीट किया, ‘‘भ्रष्टाचार और काला धन हटाने के लिए 2000 रुपये का नोट शुरू करना ऐतिहासिक निर्णय है.’’

बिहार के पूर्व सीएम और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव
केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध लगाए जाने के पांच दिन बाद इस मामले में चुप्पी तोड़ते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला. 
उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "हम कालेधन के विरुद्ध हैं, पर आपके कृत्य में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है. 
आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए." नोटबंदी कर जापान गए मोदी ने लौटने पर जो भाषण दिए, उन पर तंज कसते हुए लालू ने कहा कि 'नाटकीय' भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी
 और न ही दुखों का अंत होगा.
 

(एक कार्यक्रम में लालू प्रसाद यादव)

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में मोदी के वादे पर तंज कसते हुए लिखा, "मोदी जी, देश को भरोसा दीजिए कि जनता को दो माह पूरी असुविधा देने और कालेधन की 
उगाही के बाद सबके खाते में 15 लाख रुपये आएंगे." लालू यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख रुपये नहीं मिले, 
तो इसका मतलब होगा कि यह 'फर्जिकल स्ट्राइक' था और इसके साथ ही आम जनता का 'फेक-एनकाउंटर' भी.

यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव
नरेंद्र मोदी सरकार के 500 रुपये और 1000 रुपये के बैन को लेकर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने पहली प्रतिक्रिया में कहा कि हम नोटबंदी के फैसले के साथ हैं,
 लेकिन हफ्ते या 10 दिन की राहत मिलनी चाहिए. देश में अराजकता का माहौल चल रहा है.
 

(मुलायम सिंह यादव)

उन्होंने कहा कि भाजपा ने काला धन वापस लाने का वादा पूरा नहीं किया तो भारत में ही नोट बंद करा दिए. कालाधन को लेकर भाजपा ने झूठ बोला था. 
इन लोगों ने कालाधन देश में वापस लाने का वादा किया था. सपा अध्यक्ष ने कहा, हम भी चाहते हैं कि चुनाव में काला धन न लगे. काला धन की लड़ाई सपा ने लड़ी.
 काला धन के खिलाफ हम भी हैं. एकाएक पीएम मोदी ने नोट बंद किए, यह ठीक नहीं है. नोट बंद होने से सोने के दाम बहुत बढ़े. सोने का दाम 30 से 45 हजार रुपये तोला हो गया.

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती
बीएसपी प्रमुख मायावती ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा के इस तानाशाही और अहंकारी व्यवहार की सजा जनता उसे जरूर देगी. 
यह आर्थिक आपातकाल लगाने वाला फैसला है. इससे देश के करोड़ों गरीबों और मेहनतकशों को पीड़ा हो रही है.’’

(बीएसपी प्रमुख मायावती)

उन्होंने कहा, ‘‘जब देश की शासक पार्टी देशवासियों और आम नागरिकों की पीड़ा नहीं समझ पाए तो ऐसी सरकार के बुरे दिन दूर नहीं हैं. यह जनता में आम चर्चा भी है.’’

बिहार के सीएम और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा, ''शुरुआत में लोगों को थोड़ी परेशानी होगी लेकिन कुल मिलाकर इसका लाभ ही होगा.''
 

(बिहार के सीएम नीतीश कुमार)

नीतीश ने कहा,'' मेरी ऐसी समझ है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा, इसलिए मैं इसका स्वागत एवं समर्थन करता हूं.''

पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को हटाने के केंद्र के फैसले को 
'निर्मम और बिना सोच समझकर' लिया गया निर्णय बताया. ममता ने कहा कि इससे वित्तीय दिक्कतें होंगी. ममता ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की.
 

(तृणमूल प्रमुख ममता  बनर्जी)

ममता ने मोदी सरकार पर विदेश से काला धन वापस लाने में नाकामी से ध्यान हटाने के लिए नाटक करने का आरोप लगाया. 
उन्होंने कई ट्वीट करके कहा कि इस कठोर फैसले को वापस लिया जाए. ममता ने कहा, मैं कालेधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हूं, 
लेकिन आम लोगों तथा छोटे कारोबारियों के बारे में गहराई से चितिंत हूं. वे सामान कैसे खरीदेंगे? यह वित्तीय अव्यवस्था और आपदा है.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे
नोटबंदी के फैसले पर शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे बिफ़र पड़े. उन्होंने अबतक के अपने सबसे तीखे हमले में सीधे
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उसे अस्वीकार करार दिया.
 

(शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे) 
उन्होंने कहा, जनता त्रस्त है. प्रधानमंत्री स्विस बैंकों में रखे काले धन को लाने के बजाय जापान चले गए हैं. 
अगर यूहीं चलता रहा तो जनता एक दिन सर्जिकल स्ट्राइक करेगी. 
जाते-जाते उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा कि 56 इंच के सीने का दावा करने वालों को 56 का पहाड़ा आता है?
 उनका दावा है कि इस फैसले के बाद कारोबारी बीजेपी से नाराज़ हुए हैं.

लेकिन जो भी हो सौ बातो की इक बात ये है की आपसे गुजारिश है की भारतीय होने के नाते हमारे देश के हित में लिए गए निर्णय का साथ दीजिये 
ताकि आपका और आपकी आने वाली पीढ़ियों के लिए इक अच्छा भारत निर्माण हो और भ्रष्टाचार मुक्त भारत की तरफ बढ़ते हुए कदमो में रूकावट  न बनकर योगदान करे |
 याद रखे अगर आप समाधान का हिस्सा नहीं बन सकते है तो रास्ते का रोड़ा न बने | जय हिन्द | 



 

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